त्योहारी सीजन तक चांदी के 90000 रुपये और सोने के 60,000 के स्तर को पार करने का अनुमान

gold and silver at record high- India TV Paisa
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gold and silver at record high

नई दिल्ली। कोरोना महामारी से मिल रही आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए दुनियाभर में किए जा रहे उपाय, केंद्रीय बैंकों द्वारा की गई ब्याज दरों में कटौती, अमेरिकी डॉलर में कमजोरी से सोने और चांदी में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ गई है जिससे इनकी कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई है। बुलियन बाजार के जानकार बताते हैं कि त्योहारी सीजन में भारतीय बाजार में चांदी का भाव 90,000 रुपये प्रति किलो तक जा सकता है जबकि सोना 60,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर को छू सकता है। हालांकि सोना-चांदी की तेजी पर सरार्फा बाजार कारोबारी संगठन का आकलन अलग-अलग है।

केडिया एडवायजरी के डायरेक्टर अजय केडिया ने कहा कि सोना काफी महंगा हो गया है, इसलिए चांदी के आभूषण की मांग बढ़ सकती है, वहीं औद्योगिक मांग भी बनी हुई, इसलिए चांदी का भाव दिवाली तक 90,000 रुपये प्रति किलो तक जा सकता है। चांदी इस समय घरेलू बाजार में 78000 रुपये प्रति किलो से नीचे चल रही है और कोरोना काल में बीते पांच महीने में 44,000 रुपये प्रति किलो से ज्यादा महंगी हो चुकी है।

उन्होंने कहा कि इस सयम महंगी धातुओं की तेजी को सपोर्ट करने वाले सारे कारक अनुकूल हैं इसलिए सोने-चांदी में तेजी बनी रहेगी। केडिया ने सोने का भाव दिवाली तक 60,000 रुपये प्रति किलो तक जाने की संभावना जताई।

कमोडिटी बाजार विश्लेषक एवं एंजेल ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसीडेंट अनुज गुप्ता का अनुमान है कि सोने का भाव दिवाली तक 59,000-60,000 रुपये प्रति 10 ग्राम जबकि चांदी का भाव 88,000-90,000 रुपये प्रति किलो तक जा सकता है। वहीं, इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के नेशनल सेक्रेटरी सुरेंद्र मेहता कहते हैं कि चांदी का भाव अंतराष्ट्रीय बाजार में 37 डॉलर प्रति औंस तक जा सकता है, जिससे भारतीय सरार्फा बाजार में चांदी 95,000 रुपये प्रति किलो तक उछल सकती है। हालांकि सोने के बारे में मेहता का अनुमान है कि दिवाली तक हाजिर में सोना 59,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है।

उधर, जेम एंड ज्वेलरी ट्रेड काउंसिल ऑफ इंडिया (जीजेटीसीआई) के प्रेसीडेंट शांतिभाई पटेल का कहना है कि सोने में 60,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक का स्तर देखा जा सकता है, लेकिन चांदी बीते दिनों जिस तरह से उछली है उसमें इसमें जल्द गिरावट आने की संभावना बनी हुई है। उन्होंने कहा कि चांदी में सटोरियों के खेल से इन्कार नहीं किया जा सकता है, इसलिए 90,000 रुपये प्रति किलो का स्तर छूने की संभावना कम है।

पटेल ने कहा कि चांदी घरेलू बाजार में रिकॉर्ड स्तर पर है और त्योहारी सीजन में इसका भाव 80,000-85,000 रुपये प्रति किलो के दायरे में ही रह सकता है। उन्होंने कहा कि हाजिर मांग तक तक नहीं बढ़ेगी जब तक भाव में एक बार स्थिरता नहीं आएगी क्योंकि जिन्हें गहने खरीदने हैं वे भाव टूटने के इंतजार में हैं।