पर्सनल लोन या गोल्ड लोन, जानिये पैसों की जरूरत पूरी करने के लिये क्या है बेहतर विकल्प

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पर्सनल लोन या गोल्ड लोन जानिये क्या है बेहतर

नई दिल्ली। कोरोना संकट में या फिर किसी भी आर्थिक जरूरत पूरी करने के लिये लोग बैंकों की तरफ रुख करते हैं, जहां उन्हें कर्ज के कई विकल्प मिलते हैं। अगर पैसा निजी जरूरतों के लिये चाहिये तो बैंक ज्यादा ब्याज दर पर कर्ज देता है। हालांकि कई ऐसे तरीके हैं जिससे आप ब्याज दर को घटा सकते हैं। दरअसल ऐसे लोन जिसमें बैंक के पास सिक्योरिटी के रूप में कुछ जमा किया जाता है, पर ब्याज दर कम पड़ती है। सिक्योरिटी के तौर पर लोग सोने से लेकर शेयर एफडी आदि दे सकते हैं। भारत में सोना अधिकांश लोगों की जमापूंजी में शामिल होता है। ऐसे में पर्सनल लोन की जगह गोल्ड लोन बेहतर विकल्प बन जाता है।

क्यों बेहतर है गोल्ड लोन

  • पर्सनल लोन की तुलना में गोल्ड लोन सस्ता पड़ता है।
  • पर्सनल लोन की तुलना में गोल्ड लोन बेहद कम समय में जारी हो जाता है। जहां पर्सनल लोन को जारी होने में कुछ दिन लगते हैं, गोल्ड लोन में रकम एक ही दिन में कुछ घंटों के अंदर जारी हो जाता है।
  • अगर आपका क्रेडिट स्कोर खराब है तो भी आपको गोल्ड लोन मिल सकता है। गोल्ड लोन एक सिक्योर्ड लोन होता है, इसलिये बैंक इसमें आपके क्रेडिट स्कोर पर ज्यादा गौर नहीं करता।
  • गोल्ड लोन को कई तरह से चुकाया जा सकता है, आप ईएमआई के रूप में या सिर्फ एक अवधि तक ब्याज चुकाकर कर अवधि के अंत में पूरा मूलधन चुका सकते हैं। इसमें बैंक मासिक आधार पर ब्याज लेते हैं।
  • कर्ज 12 से 36 महीने की अवधि तक ऑफर किये जाते हैं
  • गोल्ड लोन कुछ हजार रुपये से लेकर 1.5 करोड़ रुपये तक का कर्ज ऑफर कर रहे हैं।

कहां मिल रहा है सबसे सस्ता गोल्ड लोन

पंजाब एंड सिंध बैंक, यूनियन बैंक, बैंक ऑफ इंडिया,केनरा बैंक और एसबीआई 7 से 7.5 प्रतिशत के बीच की शुरुआती ब्याज दर के साथ गोल्ड लोन ऑफर कर रहे हैं।


पंजाब नेशनल बैंक, फेडरल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, एचडीएफसी बैंक 8.5 से 9 प्रतिशत के बीच ब्याज पर लोन ऑफर कर रहा है।


आईसीआईसीआई बैंक, आईआएफएल फाइनेंस 9 से 9.5 प्रतिशत से शुरुआती ब्याज दर ऑफर कर रहे हैं।  


 

कैसे मिलता है गोल्ड लोन


गोल्ड लोन लेने वाले आवेदक को अपने गोल्ड के साथ ब्रांच जाना होता है।


बैंक में ही सोने का वैल्यूएशन कर सोने की मौजूदा कीमत के आधार पर आभूषण की कीमत तय की जाती है, जिसके आधार पर लोन की रकम तय होती है।


ग्राहक को अपनी पहचान से जुड़े दस्तावेज दाखिल करने पड़ते हैं। फॉर्म पर हस्ताक्षर करने के बाद ग्राहक के सामने सोने को सील कर जमा कर लिया जाता है। वहीं कर्ज की रकम जारी कर दी जाती है।