भारत की 15% गैस की मांग पूरी करेगी RIL,रिलायंस और BP ने KG D6 ब्लॉक में सक्रिय की दूसरी डीपवटर गैस फील्ड

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भारत की 15% गैस की मांग पूरी करेगी RIL,रिलायंस और BP ने KG D6 ब्लॉक में सक्रिय की दूसरी डीपवटर गैस फील्ड

देश में तेल और गैस के क्षेत्र की सबसे बड़ी निजी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) ने बीपी (BP) के साथ एक बड़ी सफलता हासिल की है। इस जॉइंट वेंचर के तहत आज यानी 26 अप्रैल को एलान किया है कि भारत के पूर्वी तट पर स्थित (block KG D6) ब्लॉक केजी डी-6 के सेटलाइट क्लस्टर गैस फील्ड (Satellite Cluster gas field) में उत्पादन शुरू हो गया है। कंपनी के मुताबिक इससे भारत की गैस मांग की 15% सप्लाई होगी। 

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रिलायंस ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी में बताया है कि ये सेटलाइट क्लस्टर विकास के दौर से गुजर रहे तीन में से दूसरा गैस फील्ड है जो सक्रिय हो गया है। बता दें कि इसके पहले दिसंबर में  आर क्लस्टर (R Cluster) से उत्पादन होना शुरू हुआ था। रिलायंस ने आगे कहा है कि ये गैस फील्ड काकीनाडा, आंध्रप्रदेश में स्थित वर्तमान ऑनशोर टर्मिनल  से करीब 60 किलो मीटर दूर  समुद्र में करीब 1,850 मीटर गहराई में है।

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आरआईएल और बीपी ने केजी डी 6 – आर क्लस्टर, सैटेलाइट क्लस्टर और एमजे – में तीन गहरे पानी के गैस विकास को विकसित किया है, जो 2023 तक मिलने वाली प्राकृतिक गैस के लगभग 30 mmscmd (1 बिलियन क्यूबिक फीट एक दिन) का उत्पादन करने की उम्मीद कर रहे हैं। RIL की इसमें 66.67% हिस्सेदारी है और bp के पास 33.33% हिस्सेदारी है।

मूल रूप से 2021 के मध्य में उत्पादन शुरू करने के लिए निर्धारित किया गया था। यह मैदान भारत के पूर्वी तट पर काकीनाडा में मौजूदा तटवर्ती टर्मिनल से लगभग 60 किमी दूर है और 1850 मीटर तक पानी की गहराई में स्थित है।

यह क्षेत्र चार जलाशयों से कुल पांच कुओं का उपयोग करके गैस का उत्पादन करेगा और 6 mcmcmd तक के गैस उत्पादन तक पहुंचने की उम्मीद है। साथ में, आर क्लस्टर और सैटेलाइट क्लस्टर से भारत के वर्तमान गैस उत्पादन में लगभग 20% योगदान करने की उम्मीद है।