भारत में खत्म होगा ऑक्सीजन संकट, सरकार ने ओपेक देशों का रुख किया

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भारत में खत्म होगा ऑक्सीजन संकट, सरकार ने ओपेक देशों का रुख किया 

नयी दिल्ली। कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के खिलाफ लड़ाई में चिकित्सीय ऑक्सीजन जुटाने के लिए भारत ने ओपेक देशों खासकर सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और कुवैत का रुख किया है। तेल मंत्री धर्मेद्र प्रधान ने कोविड मरीजों के इलाज के लिए देश में चिकित्सीय ऑक्सीजन की भारी कमी को पूरा करने के लिए भारत के पारंपरिक तेल आपूर्तिकर्ताओं की तरफ रुख किया और सऊदी अरब, यूएई, कुवैत, कतर और बहरीन के अपने समकक्षों के साथ विचार-विमर्श किया। 

प्रधान ने ट्विटर पर लिखा, “पिछले हफ्ते मैंने सऊदी अरब, यूएई और कतर के अपने समकक्षों के साथ भारत में एलएमओ (तरल चिकित्सीय ऑक्सीजन) का आयात बढ़ाने के तरीकों पर करीबी विचार-विमर्श किया। मैं खासकर यूएई, कुवैत, बहरीन और सऊदी अरब की ओर से मुफ्त एलएमओ की प्ररंभिक आपूर्ति के साथ साथ सदभावना दिखाने की सराहना करता हूं।” 

अस्पतालों को नकद भुगतान लेने की छूट

सरकार ने कोविड-19 संक्रमण का इलाज करने वाले अस्पतालों, डिस्पेंसरी और कोविड केयर केन्द्रों को मरीजों या उनके आश्रितों से दो लाख रुपये से अधिक का नकद भुगतान स्वीकार करने की छूट दी है। यह छूट 31 मई तक लागू रहेगी। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने इस संबंध में एक अधिसूचना जारी की है। इसके लिए अस्पताल को मरीज और भुगतान कर्ता के पैन या आधार कार्ड की प्रति और दोनों के बीच संबंध की सूचना रखनी होगी। सीबीडीटी ने कहा,‘ केंद्र सरकार यहा स्पष्ट करती है कि अस्पतालों, डिस्पेंसरी, नर्सिंग होम, कोविड केयर केंद्रों या कोविड मरीज का इलाज अन्य चिकित्सीय सुविधाओं को आयकर अधिनियम 1961 की धारा 269 एसटी के संबंध में एक अप्रैल 2021 से 31 मई 2021 तक नकद भुगतान के लिए मरीज और उसकी तरफ से भुगतान करने वाली व्यक्ति का पैन या आधार तथा मरीज का भुगतान करता के बीच संबंध की जानकारी रखनी होगी।’