महामारी की दूसरी लहर ने देश पर गंभीर असर डाला लेकिन वित्तीय संस्थान नकदी के हिसाब से मजबूत स्थिति में हैं: शक्तिकांत दास

महामारी की दूसरी लहर ने देश पर गंभीर असर डाला: RBI गवर्नर शक्तिकांत दास- India TV Paisa
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महामारी की दूसरी लहर ने देश पर गंभीर असर डाला: RBI गवर्नर शक्तिकांत दास

नई दिल्ली: आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट में कहा कि महामारी की दूसरी लहर ने देश पर गंभीर असर डाला है। आर्थिक गतिविधियां अप्रैल में प्रभावित हुई, लेकिन मई के अंत और जून की शुरूआत से इसमें कुछ तेजी आनी शुरू हुई है। उन्होनें कहा कि वित्तीय संस्थानों के लेखा-जोखा और कामकाज पर उतना प्रतिकूल असर नहीं पड़ा, जितना की पूर्व में आशंका थी। दास ने कहा कि वित्तीय संस्थान पूंजी, नकदी के हिसाब से मजबूत स्थिति में हैं ,भविष्य में झटके झेल सकते हैं। 

आरबीआई गवर्नर ने कहा कि आंकड़ों में सेंध और साइबर हमले संकट से उबर रही अर्थव्यवस्था के लिये नये जोखिम है। वित्तीय व्यवस्था पुनरूद्धार को समर्थन देने के लिये तैयार, लेकिन प्राथमिकता वित्तीय स्थिरता को बनाये रखने की है। उन्होनें कहा कि बैंकों का सकल एनपीए मार्च 2021 में 7.5 प्रतिशत, यह सितंबर 2020 के बराबर है। लेकिन इसके 9.80 प्रतिशत तक जाने का अंदेशा है।

महामारी से आहत अर्थव्यवस्था को राहत देने के लिए 6.29 लाख करोड़ रुपए का प्रोत्साहन पैकेज

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इससे पहले सोमवार को कोविड- 19 की दूसरी लहर से प्रभावित अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए स्वास्थ्य, एमएसएमई, पर्यटन, निर्यात क्षेत्र सहित विभिन्न क्षेत्रों को सहारा देने के लिये कुल मिलाकर 6,28,993 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा की थी। संगठित क्षेत्र में नयी भर्तियों के प्रोत्साहन के लिये पिछले साल अक्टूबर में शुरू की गई आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना की समयसीमा को मार्च 2022 तक के लिये बढ़ा दिया गया है। 

इसके तहत सरकार कर्मचारी भविष्य निधि के अंशदान में मदद करती है। वित्त मंत्री ने कोविड महामारी से दबाव में आये स्वास्थ्य ढांचा सहित अन्य क्षेत्रों के लिये एक लाख 10 हजार करोड़ रुपये की रिण गारंटी योजना की घोषणा की। वहीं पिछले साल मई में आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत घोषित की गई आपात रिण गारंटी योजना का आकार 1.50 लाख करोड़ रुपये बढ़ाकर 4.50 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है। 

इस योजना के तहत गारंटी और रिण सीमा को मौजूदा बकाये के 20 प्रतिशत के स्तर से आगे बढ़ाने का भी प्रस्ताव है। वित्त मंत्री ने अर्थव्यवस्था के पुनरूत्थान के लिये इस नये प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा ऐसे समय की है जब इस वित्त वर्ष की शुरुआत में अप्रैल और मई माह के दौरान कोरोना वायरस की दूसरी लहर ने आम आदमी के साथ साथ अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों को झकझोर कर रख दिया है। 

इस दौरान खासतौर से चिकित्सा सुविधाओं का अभाव, आक्सीजन की कमी और दवाओं की उपलब्धता को लेकर समस्यायें सामने आईं। यही वजह है कि वित्त मंत्री ने नये प्रोत्साहन पैकेज में स्वास्थ्य क्षेत्र में मौजूदा परियोजनाओं को पूरा करने और नई परियोजनाओं को विकसित करने के लिये 50,000 करोड़ रुपये की रिण गारंटी योजना की घोषणा की है। 

इस योजना में मुख्य तौर पर कम सुविधाओं वाले और पिछड़े जिलों में स्वास्थ्य ढांचे के विकास को प्रोत्साहित किया गया है। इसमें अधिकतम 100 करोड़ रुपये तक का कर्ज होगा और तीन साल की गारंटी अवधि होगी। यह कर्ज 7.95 प्रतिशत की ब्याज दर पर दिया जायेगा। वहीं स्वास्थ्य क्षेत्र के अलावा अन्य क्षेत्रों के लिये 60,000 करोड़ रुपये की रिण गारंटी दी जायेगी जिसमें 8.25 प्रतिशत की ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध होगा।