रिलायंस कैपिटल को खरीदने के लिए नए विकल्प देंगे बोलीदाता, अधिग्रहण की दौड़ में अडाणी, टाटा समेत 54 कंपनियां

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Highlights

  • बुधवार या गुरुवार तक बोलीदाताओं अनुरोध साझा कर सकते हैं
  • बोलीदाता को नकद बोली या अग्रिम नकद भुगतान का विकल्प मिलेगा
  • सबसे अधिक अग्रिम नकद भुगतान वाली बोलियों को प्राथमिकता दी जाएगी

नई दिल्ली। कर्ज में डूबी रिलायंस कैपिटल लिमिटेड (आरसीएल) के कर्जदाता बुधवार या गुरुवार तक बोलीदाताओं के साथ समाधान योजना का अनुरोध (आरएफआरपी) दस्तावेज साझा कर सकते हैं। सूत्रों ने बताया कि समाधान प्रक्रिया के तहत सबसे अधिक अग्रिम नकद भुगतान वाली बोलियों को अधिकतम अंक मिल सकते हैं। आरएफआरपी दस्तावेज समाधान योजना संबंधी दिशा-निर्देश तय करता है और इसे वित्तीय बोलियों के लिए अभिरूचि पत्र देने वाली सभी कंपनियों के साथ साझा किया जाता है।

आठ सहायक कंपनियों के लिए बोली लगाने का विकल्प 

आरसीएल ने बोलीदाताओं को दो विकल्प दिए हैं, पहला तो यह कि वे रिलायंस कैपिटल समेत उसकी आठ अनुषंगी एवं क्लस्टर के लिए बोली लगा सकते हैं। दूसरे विकल्प के तहत बोलीदाता अकेले या संयुक्त रूप से इसकी अनुषंगियों के लिए बोली लगा सकते हैं। सूत्रों ने बताया कि कर्जदाताओं द्वारा तैयार अंतिम आरएफआरपी दस्तावेज के मुताबिक दूसरे विकल्प के तहत आरसीएल के विविध व्यवसायों के लिए बोली केवल पूर्ण नकद बोली होगी और बाद में भुगतान करने का विकल्प नहीं दिया जाएगा। 

दो तरह से भुगतान करने की अनुमति 

वहीं, आरसीएल के लिए पहले विकल्प के तहत बोली देने वाली कंपनियों के लिए पूरी तरह से नकद बोली या अग्रिम नकद भुगतान सह विलंबित भुगतान का विकल्प भी मिलेगा। 

खरीदने की दौड़ में अडाणी, टाटा समेत 54 कंपनियां 

कर्ज के बोझ से दबी अनिल अंबानी समूह की कंपनी रिलायंस कैपिटल के अधिग्रहण की दौड़ में 54 कंपनियां शामिल हैं। इन कंपनियों में अडाणी फिनसर्व, आईसीआईसीआई लोम्बार्ड, टाटा एआईजी, एचडीएफसी एर्गो और निप्पन लाइफ इंश्योरेंस शामिल हैं।