BSE ने अप्रैल में लिस्टेड कंपनियों के खिलाफ निवेशकों की 344 शिकायतों का निपटारा किया

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लिस्टेड कंपनियों के खिलाफ 344 शिकायतों का निपटारा

नई दिल्ली। देश के शीर्ष स्टॉक एक्सचेंज बीएसई ने कहा कि उसने अप्रैल महीने में 156 सूचीबद्ध कंपनियों के खिलाफ दायर की गयी 344 शिकायतों का निपटान किया है। एक्सचेंज ने मंगलवार को जारी एक बयान में कहा कि उसने सक्रिय कंपनियों के खिलाफ 330 और निलंबित कंपनियों के खिलाफ 14 शिकायतों का निपटान किया है। इन शिकायतों में पिछली अवधियों से आगे भेजी गयीं शिकायतें भी शामिल थीं। अप्रैल महीने में बीएसई को 200 कंपनियों के खिलाफ कुल 463 शिकायतें मिली थीं। कुल शिकायतों में से 444 सक्रिय कंपनियों के खिलाफ की गयी थीं जबकि बाकी 19 निलंबित कंपनियों के खिलाफ थीं। 

निवेशकों की शिकायतों में पैसे का भुगतान न किया जाना, इक्विटी शेयर न दिया जाना, डेट सिक्योरिटी न दिया जाना, कॉरपोरेट लाभ न दिया जाना आदि शामिल हैं। वे कंपनियां जिनके खिलाफ शिकायतें अब भी लंबित हैं, उनमें – जे के फार्माकेम लिमिटेड, टीम लेबोरेट्रीज लिमिटेड, गुजरात नर्मदा फ्लाईऐश कंपनी लिमिटेड, गुजरात मेडिटेक, गुजरात पर्सट्रॉप इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, ग्लोबल सेक्युरीटिज लिमिटेड, ब्लैजोन मार्बल्स, सॉफ्ट्रैक वेंचर इन्वेस्टमेंट लिमिटेड, विलार्ड इंडिया लिमिटेड और सप्तक केम एंड बिजनेस लिमिटेड शामिल हैं। 

एम्फी ने म्यूचुअल फंड वितरकों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण फिर शुरू किया

एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) ने मंगलवार को कहा कि म्यूचुअल फंड वितरकों को नया एम्फी पंजीकरण नंबर (एआरएन) और कर्मचारी विशिष्ट पहचान संख्या (ईयूआईएन) जारी करने के लिए उसने ऑनलाइन पंजीकरण को फिर से शुरू कर दिया है। एम्फी ने एक बयान में कहा कि कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के कारण देश के कई हिस्सों में जारी लॉकडाउन की स्थिति के बीच ऑनलाइन पंजीकरण सुविधा शुरू करने से एआरएन और ईयूआईएन के नए आवेदकों को बड़ी राहत मिलेगी। एम्फी ने कहा कि उसने एआरएन और ईयूआईएन को आधार कार्ड और वन टाइम पिन यानी ओटीपी के जरिये जारी करने के लिये वेबसाइट पर पेपरलेस ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया को फिर से शुरू किया है। एम्फी के मुख्य कार्यकारी एनएस वेंकटेश ने कहा, ’’एम्फी में हम टेक्नोलॉजी को एक सहायता के रूप में देखते हैं जो वितरकों या उनके कर्मचारियों द्वारा सांसारिक कार्यों पर खर्च किए गए समय को कम करता है, जिससे वे अपने ग्राहकों की मदद करने के लिए अपने समय का बेहतर उपयोग कर सकें। हम अपने सभी वितरण वर्ग से इस सुविधा का लाभ उठाने का आग्रह करते हैं।’’ उल्लेखनीय है कि एम्फी ने वर्ष 2017 में आधार कार्ड के माध्यम से एआरएन और ईयूआईएन नंबर का आवेदन करने के लिए पूरी तरह से एक ऑनलाइन सुविधा शुरू की थी। हालांकि, आधार कार्ड के इस्तेमाल को लेकर वर्ष 2018 में उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद इस सुविधा को वापस ले लिया गया था।