Home loan rate: कर्ज लेने वालों पर बढ़ा EMI का बोझ, इन दो बैंकों ने होम लोन की ब्याज दरें बढ़ाईं

Home Loan- India TV Paisa

Home Loan

Highlights

  • बैंक ऑफ बड़ौदा और आईसीआईसीआई बैंक ने कर्ज की ब्याज दरें बढ़ा दी
  • आरबीआई ने की है रेपो रेट (Repo rate) और कैश रिजर्व रेश्यो (CRR) बढ़ाने की घोषणा
  • होम, ऑटो और पर्सनल लोन सहित सभी पुराने और नए ग्राहकों के लिए कर्ज मंहगा

Home loan rate: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा कर्ज की लगाम ढ़ीली छोड़ते ही बैंकों की ब्याज दरों के घोड़े मानो खुल गए हैं। आरबीआई की रेपो रेट (Repo rate) और कैश रिजर्व रेश्यो (CRR) बढ़ाने की घोषणा के अगले ही दिन देश के दो बड़े बैंकों ने ब्याज दरें बढ़ाने की घोषणा कर दी है। 

बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) और आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) ने अपने सभी तरह के कर्ज की ब्याज दरें बढ़ा दी हैं। इस प्रकार दोनों बैंक से होम, ऑटो और पर्सनल लोन सहित सभी पुराने और नए ग्राहकों के लिए कर्ज मंहगा हो गया है। इन दोनों बैंकों ने रेपो रेट से जुड़ी ब्याज दरों (external benchmark linked loan interest rates) में बढ़ोतरी कर दी है। 

ICICI Bank ने की ये घोषणा 

ICICI Bank ने अपनी बेवसाइट पर ब्याज दरें बढ़ाने की घोषणा की है। बैंक ने अपने ग्राहकों को बताया है कि आरबीआई द्वारा रेपो रेट में की गई वृद्धि के अनुसार बैंक ने एक्टरनल बेंचमार्क लेंडिंग रेट (I-EBLR) बढ़ा दिया गया है। बैंक ने I-EBLR में 40 बेसिस अंक की वृद्धि कर इसे 8.10% कर दिया गया है। यह वृद्धि 4 मई से लागू हो गई है। 

बैंक ऑफ बड़ौदा ने बढ़ाया BRLLR

बैंक ऑफ बड़ौदा ने भी रिटेल लोन के लिए रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट (BRLLR) को 40 बीपीएस बढ़ाकर 6.90 पर्सेंट कर दिया है। आईसीआईसीआई बैंक की बढ़ी हुई दर चार मई से और बैंक ऑफ बड़ौदा की बढ़ी दरें पांच मई यानी आज से लागू हो गई हैं।

क्या होता है एक्सटर्नल बेंचमार्क लोन

एक्सटर्नल बेंचमार्क की व्यवस्था 2019 से शुरू हुई है। आरबीआई ने एक अक्टूबर, 2019 से फ्लोटिंग रेट वाले सभी नए पर्सनल या रिटेल लोन को एक्सटर्नल बेंचमार्क से जोड़ना अनिवार्य बना दिया था। यहां बैंक को कोई भी एक्सटर्नल बेंचमार्क तय करने की आजादी है। एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट बैंक द्वारा लोन देने की सबसे कम ब्याज दर होती है। बैंक इसके नीचे लोन नहीं दे सकता। बैंक इसी एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट और Repo Rate के ऊपर क्रेडिट रिस्क प्रीमियम जोड़कर कुल ब्याज दर तय करते हैं।