LIC के IPO को लेकर आई बड़ी खबर, सरकार मर्चेंट बैंकर्स से इसी महीने आमंत्रित करेगी बोलियां

LIC IPO Big News Govt likely to invite bids from merchant bankers this month- India TV Paisa
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LIC IPO Big News Govt likely to invite bids from merchant bankers this month

नई दिल्‍ली। केंद्र सरकार अगले साल जनवरी में भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) को शेयर बाजार में सूचीबद्ध कराने की तैयारियों में जुटी है। इसके लिए सरकार इसी महीने एलआईसी के विनिवेश का प्रबंधन देखने के लिए मर्चेंट बैंकर्स से बोलियां आमंत्रित कर सकती है। निवेश एवं सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) ने इस साल जनवरी में एलआई के मूल्‍याकंन के लिए एक्‍चुरियल फर्म मिलीमैन एडवाइजर्स एलएलपी इंडिया को नियुक्‍त किया था। एलआईसी के आईपीओ को भारतीय कॉरपोरेट इतिहास का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम माना जा रहा है।  

एक वरिष्‍ठ अधिकारी ने बताया कि एलआईसी अधिनियम में बदलाव के लिए बजट में की गई घोषणाओं को अधिसूचित कर दिया गया है और एक्‍चुरियल फर्म अगले कुछ हफ्तों में एलआईसी के एम्‍बेडेड मूल्‍याकंन का काम खत्‍म कर लेगी। एम्‍बेडेड वैल्‍यू मैथड के तहत, बीमा कंपनी के भविष्‍य के लाभ का वर्तमान मूल्‍य भी मौजूदा शुद्ध परिसंपत्ति मूल्‍य (एनएवी) में शामिल किया जाता है।

अधिकारी ने कहा कि हम मर्चेंट बैंकर्स की नियुक्ति के लिए अगले कुछ हफ्तों में बोलियां आमंत्रित करेंगे। इसके लिए संस्‍थागत निवेशकों के साथ भी बातचीत चल रही है। उन्‍होंने बताया कि हमें उम्‍मीद है कि नवंबर अंत तक हमें सभी नियामकीय मंजूरियां मिल जाएंगी। अधिकारी ने यह भी कहा कि एलआईसी के आईपीओ का 10 प्रतिशत हिस्‍सा इसके पॉलिसीधारकों के लिए आरक्षित रखा जाएगा।

 एलआईसी संशोधन अधिनियम को वित्त अधिनियम का हिस्सा बनाया गया है, जिससे देश के सबसे बड़े जीवन बीमाकर्ता के आईपीओ को लॉन्च करने के लिए आवश्यक विधायी संशोधन किया जा सके। Deloitte और SBI Caps को प्री-आईपीओ ट्रांजैक्‍शन एडवाइजर्स के तौर पर नियुक्‍त किया गया है।

सरकार के विनिवेश लक्ष्‍य को हासिल करने के लिए एलआईसी की सूचीबद्धता बहुत महत्‍वणपूर्ण मानी जा रही है। सरकार ने चालू वित्‍त वर्ष में न्‍यूनतम हिस्‍सेदारी बिक्री और निजीकरण के माध्‍यम से 1.75 लाख करोड़ रुपये का विनिवेश लक्ष्‍य तय किया है। इस कुल लक्ष्‍य में से 1 लाख करोड़ रुपये की राशि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और वित्‍तीय संस्‍थाओं में सरकारी हिस्‍सेदारी बिक्री से और 75000 करोड़ रुपये सीपीएसई विनिवेश से हासिल किया जाएगा।

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