LIC IPO: एलआईसी के आईपीओ को लेकर आई दो अच्छी खबरें, आपके फायदे के लिए पहली बार होगा ये काम

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LIC IPO

Highlights

  • LIC IPO को बोली के दूसरे दिन बृहस्पतिवार को शत-प्रतिशत अभिदान मिल गया
  • पॉलिसीधारकों वाले हिस्से को तीन गुना से थोड़ा अधिक अभिदान मिला है
  • अब ग्राहक रविवार को भी आईपीओ में निवेश कर पाएंगे

LIC IPO: भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) फिलहाल निवेशकों को खूब लुभा रहा है। इस बीच आईपीओ को लेकर दो अच्छी खबर आई हैं। इस सरकारी बीमा कंपनी के आईपीओ को बोली के दूसरे दिन बृहस्पतिवार को शत-प्रतिशत अभिदान मिल गया। पॉलिसीधारकों वाले हिस्से को तीन गुना से थोड़ा अधिक अभिदान मिला है। वहीं एलआईसी ने घोषणा की है कि अब ग्राहक रविवार को भी आईपीओ में निवेश कर पाएंगे। ऐसा शेयर बाजार में आईपीओ के इतिहास में पहली बार हो रहा है। 

शेयर बाजारों में शाम 6.24 बजे तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार इस सरकारी कंपनी के 16,20,78,067 निर्गम के लिये 16,25,35,125 बोलियां प्राप्त हुईं। बीएसई पर उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, पॉलिसीधारकों वाले हिस्से को तीन गुना से थोड़ा अधिक अभिदान मिला, जबकि कर्मचारियों के लिए आरक्षित हिस्सा को 2.14 गुना अभिदान प्राप्त हुआ।

LIC IPO सप्ताह के अंत में भी खुला

बुधवार को खुला एलआईसी का निर्गम नौ मई को बंद होने वाला है। इस दौरान सात और आठ मई को सप्ताहांत होने से अमूमन कारोबार बंद रहता लेकिन विशेष व्यवस्था के तहत शनिवार-रविवार को भी इस निर्गम की खरीदारी की जा सकेगी। एलआईसी ने इस विशेष व्यवस्था के बारे में शेयर बाजारों को सूचित किया है।

QIB की ओर से ठंडा रिस्पॉन्स 

पात्र संस्थागत खरीदारों (क्यूआईबी) और गैर-संस्थागत खरीदारों वाले हिस्से के लिए अबतक कुछ खास प्रतिक्रिया नहीं मिली है। दूसरे दिन क्यूआईबी वाले हिस्से को 40 प्रतिशत और गैर-संस्थागत खरीदारों के हिस्से को 46 प्रतिशत अभिदान मिला। खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित 6.9 करोड़ शेयर की श्रेणी में दूसरे दिन करीब 91 प्रतिशत अभिदान मिला। 

सरकार को 21000 करोड़ जुटाने की उम्मीद 

सरकार को एलआईसी के आईपीओ से 21,000 करोड़ रुपये जुटने की उम्मीद है। वह एलआईसी में अपनी 3.5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने जा रही है। आईपीओ के लिए मूल्य दायरा 902 से 949 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। कंपनी का आईपीओ बुधवार को खुदरा और संस्थागत निवेशकों के लिए खुला और यह नौ मई को बंद होगा। यह आईपीओ बिक्री पेशकश (ओएफएस) के रूप में है और इसके जरिये सरकार 22.13 करोड़ शेयर बेचना चाहती है। कंपनी के शेयर 17 मई को सूचीबद्ध हो सकते हैं।