NPS Vs OPS: कर्मचारी पुरानी पेंशन स्कीम अपनाएं और नई पेंशन स्कीम! जानिए क्या हैं बड़े अंतर और कहां है फायदा?

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NPS Vs OPS

Highlights

  • 2005 में ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) खत्म कर नई पेंशन स्कीम पेश की गई
  • ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) में पेंशन के लिए वेतन से कोई कटौती नहीं होती
  • NPS में रिटायरमेंट के समय निश्चित पेंशन की कोई गारंटी नहीं है

NPS Vs OPS: पेंशन का मुद्दा एक बार फिर से राजनीतिक रूप से चर्चा का केंद्र बनता जा रहा है। आजादी के बाद से देश में सरकारी कर्मचारियों के लिए जो पेंशन स्कीम जारी थी। उसे 2005 में खत्म कर नई पेंशन स्कीम पेश की गई। बीते 17 साल में सेवा में शामिल हुए नए कर्मचारी इसी नई पेंशन स्कीम के दायरे में आते हैं। लेकिन हाल के दिनों में चुनावों के दौरान राजनेताओं द्वारा ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) को दोबारा लागू करने की बात हो रही है। 

मध्य प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बड़ी घोषणा की है। इसके मुताबिक अगर मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनती है तो यहां पर पुरानी पेंशन योजना लागू की जाएगी। ऐसे में केंद्र और अन्य राज्यों में भी सरकारी कर्मचारियों के बीच ओल्ड पेंशन स्कीम के लिए सुगबुगाहट शुरू हो गई है। 

2005 में बंद हुई थी पुरानी पेंशन

अप्रैल 2005 के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की केंद्र सरकार ने नियुक्तियों के लिए पुरानी पेंशन को बंद कर दिया था। नई पेंशन योजना लागू की गई थी। केंद्र सरकार के बाद नई पेंशन योजना लागू करने में राज्य भी पीछे नहीं रहे। हालांकि, ये अनिवार्य नहीं था। 

ऐसे में आइए जानते हैं कि New Pension Scheme (NPS) से Old Pension Scheme (OPS) में आने पर कर्मचारियों को क्या फायदा और नुकसान हो सकता है। 

Old Pension Scheme New Pension Scheme
पेंशन के लिए वेतन से कोई कटौती नहीं  कर्मचारी के वेतन से 10% (बेसिक DA) की कटौती 
GPF (General Provident Fund) की सुविधा जनरल प्रोविडेंट फंड (GPF) की सुविधा को नहीं जोड़ा गया 
सुरक्षित पेंशन योजना है. इसका भुगतान सरकार की ट्रेजरी के जरिए किया जाता है NPS शेयर बाजार आधारित है, बाजार की चाल के आधार पर ही भुगतान होता है
OPS में रिटायरमेंट के समय अंतिम बेसिक सैलरी के 50 फीसदी तक निश्चित पेंशन मिलती है रिटायरमेंट के समय निश्चित पेंशन की कोई गारंटी नहीं है
रिटायरमेंट के बाद 20 लाख रुपए तक ग्रेच्युटी मिलती है रिटायरमेंट के समय ग्रेच्युटी का अस्थाई प्रावधान है
सर्विस के दौरान मौत होने पर फैमिली पेंशन का प्रावधान है सर्विस के दौरान मौत होने पर फैमिली पेंशन मिलती है, लेकिन योजना में जमा पैसे सरकार जब्त कर लेती है
रिटायरमेंट के समय पेंशन प्राप्ति के लिए GPF से कोई निवेश नहीं करना पड़ता है पेंशन प्राप्ति के लिए NPS फंड से 40 फीसदी पैसा इन्वेस्ट करना होता है