What is FOMO: डेनमार्क में मोदी ने किया ‘फोमो’ का जिक्र, जानिए क्या है इस शब्द का मतलब?

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Highlights

  • पीएम मोदी ने कहा निवेश से चूक जाने वालों की स्थिति ‘फोमो’ जैसी हो जाएगी
  • फोमो का आशय किसी चीज से वंचित रहने पर अफसोस होना है
  • ‘फोमो’ का पूरा शाब्दिक अर्थ ‘फियर ऑफ मिसिंग आउट’ होता है

What is FOMO:  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यूरोपीय देश डेनमार्क के दौरे पर थे। यहां उन्होंने डेनमार्क के उद्योगपतियों को निवेश का न्योता देते हुए मंगलवार को कहा कि भारत में निवेश से चूक जाने वालों की स्थिति आगे चलकर ‘फोमो’ जैसी हो जाएगी। इसके बाद सोशल मीडिया पर एक बार फिर ‘फोमो’ की चर्चा शुरू हो गई। लोग पूछने लगे कि यह शब्द भला क्या है और इसका क्या मतलब है। 

क्या है फोमो का मतलब

बता दें कि सोशल मीडिया की दुनिया में फोमो काफी प्रचलित शब्द है। फोमो का आशय किसी चीज से वंचित रहने पर अफसोस होना है। मोदी ने कहा, ‘‘इन दिनों सोशल मीडिया पर ‘फोमो’ यानी ‘फियर ऑफ मिसिंग आउट’ शब्दावली का जिक्र खूब हो रहा है। भारत के सुधारों एवं निवेश अवसरों को देखते हुए मैं कह सकता हूं कि हमारे यहां निवेश नहीं करने वालों को निश्चित रूप से अफसोस होगा।’’

भारत में निवेश के बड़े मौके

मोदी ने यहां भारत-डेनमार्क कारोबार मंच को संबोधित करते हुए कहा कि मौजूदा आर्थिक सुधारों ने हरित प्रौद्योगिकी, जहाजरानी एवं बंदरगाह जैसे क्षेत्रों में निवेश के काफी मौके पैदा किए हैं। उन्होंने कहा कि पीएम-गतिशक्ति कार्यक्रम के तहत अगली पीढ़ी के लिए ढांचागत आधार तैयार करने का भी काम चल रहा है। 

दोनों अर्थव्यवस्थाएं एक दूसरे की पूरक

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में भारत और डेनमार्क की अर्थव्यवस्था के एक-दूसरे का पूरक होने का जिक्र करते हुए डेनमार्क के उद्यमियों को भारत में निवेश अवसरों का फायदा उठाने के लिए आमंत्रित किया। विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक, इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने व्यवसाय के प्रति भारत के दोस्ताना रवैये को रेखांकित करते हुए कहा कि दोनों देशों के कारोबारी समुदायों को इस मौके का फायदा उठाना चाहिए। 

ग्रीन टेक्नोलॉजी में अवसर 

डेनमार्क की यात्रा पर पहुंच मोदी ने कहा कि भारत में हरित प्रौद्योगिकी में निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि डेनमार्क और भारत अतीत में भी मिलकर काम कर चुके हैं और दोनों देशों की ताकत एक-दूसरे की पूरक है। इस अवसर पर डेनमार्क की प्रधानमंत्री फ्रेडेरिक्सन ने दोनों देशों के बीच रिश्ता बनाने में कारोबारी समुदाय की भूमिका पर बल दिया।